भगवद् गीता 1.7: अध्याय 1, श्लोक 7

Apr 10, 2026
53 Views
bhagavad-gita-chapter-1-shloka-7

📖 Sanskrit Shloka

अस्माकं तु विशिष्टा ये तान्निबोध द्विजोत्तम।
नायका मम सैन्यस्य संज्ञार्थं तान्ब्रवीमि ते॥7॥

Asmakam tu vishishta ye tannibodha dvijottama।
Nayaka mama sainyasya samjnartham tan bravimi te॥

Slok Meaning:

हे श्रेष्ठ ब्राह्मण (द्रोणाचार्य), अब आप हमारी सेना के प्रमुख योद्धाओं को भी जान लीजिए, जिनका मैं आपके सामने वर्णन करता हूँ।

O best of Brahmins (Dronacharya), please know about the distinguished leaders of our army, whom I now describe to you.

🌍 Real Life Meaning:

यह श्लोक हमें सिखाता है कि किसी भी परिस्थिति में अपनी ताकत और अपने लोगों को पहचानना बहुत जरूरी होता है। दुर्योधन यहाँ अपने सेना के प्रमुख योद्धाओं का परिचय दे रहा है, जिससे उसका आत्मविश्वास और रणनीति दोनों दिखते हैं।

जीवन में भी, जब हमें अपने strengths और resources का सही ज्ञान होता है, तो हम किसी भी चुनौती का सामना बेहतर तरीके से कर सकते हैं।

💡 आज के जीवन में:

  • अपनी strengths को पहचानना जरूरी है

  • सही लोगों की पहचान और उपयोग सफलता दिलाता है

  • leadership में clarity बहुत जरूरी होती है

  • अपनी टीम पर भरोसा रखना चाहिए

  • planning और awareness सफलता की कुंजी है

📚 Moral Story:

एक कंपनी का manager हमेशा अपनी टीम को हल्के में लेता था और उन्हें सही से पहचान नहीं पाता था। जब एक बड़ा project आया, तो वह confuse हो गया कि किसे कौन सा काम दे।

फिर उसने अपनी टीम को समझना शुरू किया — किसकी क्या skill है, कौन किस काम में बेहतर है। उसने उसी के अनुसार काम बाँटा।

इस बार project समय पर और बहुत अच्छे से पूरा हुआ। तब उसे समझ आया कि टीम की सही पहचान ही सफलता का आधार है।

💡 निष्कर्ष:

जो व्यक्ति अपनी ताकत और अपनी टीम को पहचानता है, वही सच्चा leader बनता है और सफलता हासिल करता है।

Comments (0)

0/140

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

More from author
» Read more

भगवद् गीता 1.18: अध्याय 1, श्लोक 18

भगवद् गीता 1.18: अध्याय 1, श्लोक 18

📖 Sanskrit Shloka सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः। (नोट: यह पंक्ति श्लोक 6 का भी भाग है, पर संदर्भ में पुनः उल्लेख होता है) Saubhadro Draupadeyash c...

Mar 27, 2026 86 reads
भगवद् गीता 1.17: अध्याय 1, श्लोक 17

भगवद् गीता 1.17: अध्याय 1, श्लोक 17

📖 Sanskrit Shloka काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः।धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः॥17॥ Kashyash cha parameshvasah Shikhandi cha maharathah।D...

Mar 27, 2026 60 reads
भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

📖 Sanskrit Shloka अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः।नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ॥16॥ Anantavijayam raja Kunti-putro Yudhishthirah।Nakulah Sahadeva...

Mar 27, 2026 84 reads
भगवद् गीता 1.15: अध्याय 1, श्लोक 15

भगवद् गीता 1.15: अध्याय 1, श्लोक 15

📖 Sanskrit Shloka पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनंजयः।पौण्ड्रं दध्मौ महाशंखं भीमकर्मा वृकोदरः॥15॥ Panchajanyam Hrishikesho Devadattam Dhananjayah।Paundram...

Mar 27, 2026 64 reads
भगवद् गीता 1.14: अध्याय 1, श्लोक 14

भगवद् गीता 1.14: अध्याय 1, श्लोक 14

📖 Sanskrit Shloka ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शंखौ प्रदध्मतुः॥14॥ Tatah shvetair hayair yukte mahati syandane st...

Mar 27, 2026 53 reads

Most Popular Bhajans

मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन
263 reads

मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जानेछलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥ हर बात निराली है उसकी, हर बात में है इक टेढापनटेढ़े ...

वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे
180 reads

वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे

वृन्दावन की कुञ्ज गली में मैं राधे राधे गाउंगी,मैं तो श्यामा श्यामा गाउंगी, पहले मैं बरसाने जाऊ,श्याम श्यामा के दर्शन पाउ,फिर वृन्दावन जाउंगी  राधे राध...

भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1
174 reads

भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1

धृतराष्ट्र उवाच:धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥1॥ Dhritarashtra said:Dharmakshetre Kurukshetre samaveta yuyu...

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन
166 reads

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ पावन ज्योति की लागे कतार माई तोरे मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदि...

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन
155 reads

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन

दुर्गा है मेरी माँ,अम्बे है मेरी माँ।। जय बोलो जय माता दी, जय हो,जो भी दर पे आए, जय हो,वो खाली ना जाए, जय हो, सबके काम है करती, जय हो,सबके दुखड़े हरती, जय ह...

Keep Exploring

भगवद् गीता 1.18: अध्याय 1, श्लोक 18

भगवद् गीता 1.18: अध्याय 1, श्लोक 18

📖 Sanskrit Shloka सौभद्रो द्रौपदेयाश्च सर्व एव महारथाः। (नोट: यह पंक्ति श्लोक 6 का भी भाग है, पर संदर्भ में पुनः उल्लेख होता है) Saubhadro Draupadeyash c...

भगवद् गीता 1.17: अध्याय 1, श्लोक 17

भगवद् गीता 1.17: अध्याय 1, श्लोक 17

📖 Sanskrit Shloka काश्यश्च परमेष्वासः शिखण्डी च महारथः।धृष्टद्युम्नो विराटश्च सात्यकिश्चापराजितः॥17॥ Kashyash cha parameshvasah Shikhandi cha maharathah।D...

भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

📖 Sanskrit Shloka अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः।नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ॥16॥ Anantavijayam raja Kunti-putro Yudhishthirah।Nakulah Sahadeva...

भगवद् गीता 1.15: अध्याय 1, श्लोक 15

भगवद् गीता 1.15: अध्याय 1, श्लोक 15

📖 Sanskrit Shloka पाञ्चजन्यं हृषीकेशो देवदत्तं धनंजयः।पौण्ड्रं दध्मौ महाशंखं भीमकर्मा वृकोदरः॥15॥ Panchajanyam Hrishikesho Devadattam Dhananjayah।Paundram...

भगवद् गीता 1.14: अध्याय 1, श्लोक 14

भगवद् गीता 1.14: अध्याय 1, श्लोक 14

📖 Sanskrit Shloka ततः श्वेतैर्हयैर्युक्ते महति स्यन्दने स्थितौ।माधवः पाण्डवश्चैव दिव्यौ शंखौ प्रदध्मतुः॥14॥ Tatah shvetair hayair yukte mahati syandane st...