भगवद् गीता 1.16: अध्याय 1, श्लोक 16

Apr 10, 2026
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📖 Sanskrit Shloka

अनन्तविजयं राजा कुन्तीपुत्रो युधिष्ठिरः।
नकुलः सहदेवश्च सुघोषमणिपुष्पकौ॥16॥

Anantavijayam raja Kunti-putro Yudhishthirah।
Nakulah Sahadevas cha Sughosha-manipushpakau॥

Slok Meaning:

कुन्तीपुत्र राजा युधिष्ठिर ने अनन्तविजय नामक शंख बजाया और नकुल तथा सहदेव ने सुघोष और मणिपुष्पक नामक शंख बजाए।

King Yudhishthira, the son of Kunti, blew his conch Anantavijaya, while Nakula and Sahadeva blew their conches named Sughosha and Manipushpaka.

🌍 Real Life Meaning:

यह श्लोक हमें सिखाता है कि जब परिवार या टीम एक साथ खड़ी होती है, तो उसकी शक्ति कई गुना बढ़ जाती है। पाण्डव भाइयों का एक साथ खड़ा होना उनकी सबसे बड़ी ताकत थी।

जीवन में भी, जब हम अपने परिवार या टीम के साथ एकजुट होकर काम करते हैं, तो हम बड़ी से बड़ी चुनौतियों का सामना कर सकते हैं। एकता ही असली शक्ति है।

💡 आज के जीवन में:

  • family और team support बहुत जरूरी है
  • unity से strength बढ़ती है
  • साथ मिलकर काम करने से confidence आता है
  • मुश्किल समय में अपने लोग ही काम आते हैं
  • teamwork से ही सफलता मिलती है

📚 Moral Story:

एक घर में तीन भाई रहते थे, जो अक्सर छोटी-छोटी बातों पर झगड़ते रहते थे। उनके पिता ने एक दिन उन्हें लकड़ियों का एक बंडल दिया और उसे तोड़ने को कहा।

तीनों मिलकर भी उस बंडल को नहीं तोड़ पाए। फिर पिता ने लकड़ियों को अलग-अलग कर दिया, जिन्हें उन्होंने आसानी से तोड़ दिया।

तब पिता ने समझाया कि अगर वे एकजुट रहेंगे, तो कोई उन्हें कमजोर नहीं कर सकता।

💡 निष्कर्ष:

एकता में ही सबसे बड़ी शक्ति होती है। जब लोग साथ मिलकर चलते हैं, तो वे किसी भी कठिनाई को पार कर सकते हैं।

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