अब मोहे श्याम भरोसा तेरा - श्याम भजन

Apr 10, 2026
83 Views
ab-mohe-shyam-bharosa-tera-bhajan-lyrics

यह भावपूर्ण श्याम भजन भगवान श्रीकृष्ण पर अटूट विश्वास और आंतरिक ज्ञान की जागृति को दर्शाता है। इस भजन में भक्त अपने जीवन में अज्ञान के अंधकार से निकलकर प्रभु के नाम के सहारे शांति और मुक्ति का अनुभव करता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा से ही जीवन में प्रकाश आता है।

🔶 Bhajan Lyrics:

अब मोहे श्याम भरोसा तेरा

दीपक ज्ञान जगा घट भीतर
मिटा अज्ञान अँधेरा

निशा निराशा दूर हुई जब 
आई शांति सबेरा

अमर महारस नाम पान कर 
मुक्त हुआ मन मेरा

 

🔶 भजन का अर्थ:

इस भजन में भक्त भगवान श्रीकृष्ण पर अपना पूर्ण विश्वास व्यक्त करता है। वह कहता है कि अब उसे केवल श्याम का ही सहारा है। जब प्रभु की कृपा से उसके हृदय में ज्ञान का दीपक जलता है, तब अज्ञान का अंधकार स्वतः ही समाप्त हो जाता है।

भजन यह भी बताता है कि जब जीवन में निराशा और अंधकार छाया होता है, तब प्रभु का स्मरण एक नए सवेरे की तरह शांति और आशा लेकर आता है। भगवान का नाम अमृत के समान है, जिसे ग्रहण करने से मन को शांति और आत्मा को मुक्ति मिलती है।

अंत में, यह भजन सिखाता है कि प्रभु के नाम और विश्वास से ही जीवन के दुख दूर होते हैं और सच्चा आनंद प्राप्त होता है।

🔶 FAQs:

1. इस भजन में किस भगवान की स्तुति की गई है?

इस भजन में भगवान श्रीकृष्ण (श्याम) की स्तुति की गई है।

2. इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है कि भगवान के नाम और विश्वास से अज्ञान दूर होता है और जीवन में शांति आती है।

3. “ज्ञान का दीपक” से क्या तात्पर्य है?

ज्ञान का दीपक का अर्थ है आत्मज्ञान, जो जीवन के अंधकार और भ्रम को समाप्त कर देता है।

Comments (0)

0/140

No comments yet. Be the first to share your thoughts!

More from author
» Read more

श्री कृष्ण शिरोमणि श्री राधा जय श्याम संजीवनी श्री राधा भजन

श्री कृष्ण शिरोमणि श्री राधा जय श्याम संजीवनी श्री राधा भजन

यह अत्यंत सुंदर राधा कृष्ण भजन श्री राधा रानी की महिमा और उनके दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। इस भजन में राधा जी को प्रेम, करुणा और आनंद की स्वरूपिणी के रूप...

Apr 10, 2026 119 reads
प्रेरणादायक भजन: भगवान मेरा जीवन उपकार के लिए हो

प्रेरणादायक भजन: भगवान मेरा जीवन उपकार के लिए हो

यह भावपूर्ण प्रेरणादायक भजन मानव जीवन के सच्चे उद्देश्य को दर्शाता है। इसमें भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि उसका जीवन केवल अपने लिए नहीं, बल्कि संसार के ...

Apr 10, 2026 90 reads
होरी खेलन पधारो श्री वृन्दावन में - होली भजन

होरी खेलन पधारो श्री वृन्दावन में - होली भजन

यह आनंदमय कृष्ण होली भजन श्री राधा-कृष्ण की ब्रज की होली की झलक प्रस्तुत करता है। वृन्दावन की गलियों में रंग, प्रेम और भक्ति का अद्भुत संगम इस भजन में दिखाई ...

Apr 10, 2026 75 reads
पाया मैंने है भगवान सत्संग की है महिमा महान भजन

पाया मैंने है भगवान सत्संग की है महिमा महान भजन

यह प्रेरणादायक सत्संग भजन सत्संग की महिमा और आत्मज्ञान के महत्व को दर्शाता है। इस भजन में बताया गया है कि सच्चे गुरु और सत्संग के माध्यम से ही मनुष्य भगवान क...

Apr 10, 2026 71 reads

Most Popular Bhajans

मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन
263 reads

मोहन से दिल क्यों लगाया है ये मैं जानू या वो जाने भजन

मोहन से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जानेछलिया से दिल क्यूँ लगाया है, ये मैं जानू या वो जाने ॥ हर बात निराली है उसकी, हर बात में है इक टेढापनटेढ़े ...

वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे
180 reads

वृंदावन की गलियों में राधे राधे गूंजे

वृन्दावन की कुञ्ज गली में मैं राधे राधे गाउंगी,मैं तो श्यामा श्यामा गाउंगी, पहले मैं बरसाने जाऊ,श्याम श्यामा के दर्शन पाउ,फिर वृन्दावन जाउंगी  राधे राध...

भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1
174 reads

भगवद् गीता 1.1: अध्याय 1, श्लोक 1

धृतराष्ट्र उवाच:धर्मक्षेत्रे कुरुक्षेत्रे समवेता युयुत्सवः।मामकाः पाण्डवाश्चैव किमकुर्वत सञ्जय॥1॥ Dhritarashtra said:Dharmakshetre Kurukshetre samaveta yuyu...

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन
166 reads

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ भजन

बड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदिरवा माँ पावन ज्योति की लागे कतार माई तोरे मंदिरवा माँबड़ी हो रही जय जय कार ओ रही मंदि...

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन
155 reads

दुर्गा है मेरी माँ अम्बे है मेरी माँ भजन

दुर्गा है मेरी माँ,अम्बे है मेरी माँ।। जय बोलो जय माता दी, जय हो,जो भी दर पे आए, जय हो,वो खाली ना जाए, जय हो, सबके काम है करती, जय हो,सबके दुखड़े हरती, जय ह...

Keep Exploring

दही दूंगी रे साँवरिया थोड़ी बँसुरी बजा भजन

दही दूंगी रे साँवरिया थोड़ी बँसुरी बजा भजन

दही दूंगी रे सांवरिया, जरा मुरली तो बजा।मुरली तो बजा, ओ कान्हा! मधुर तान सुना।दही दूंगी रे सांवरिया, जरा मुरली तो बजा॥ ऐसी बजा जो बागों के हर, फूल को महका द...

बिहारी घर मेरा बृज में बना दोगे तो क्या होगा भजन

बिहारी घर मेरा बृज में बना दोगे तो क्या होगा भजन

बिहारी घर मेरा बृज में बना दोगे तो क्या होगामुझे वो बांसुरी अपनी सूना दोगे तो क्या होगा अभी तुम सामने कभी, अभी तुम हो गए ओझलप्रभु यह बीच का पर्दा हटा लोगे त...

जब नाम जपोगे कृष्णा तो मिटेगी मन की तृष्णा भजन

जब नाम जपोगे कृष्णा तो मिटेगी मन की तृष्णा भजन

जब नाम जपोगे कृष्ण तो मिटेगी मन की तृष्णाबोलो कृष्ण कृष्ण बोलो कृष्ण, राधे कृष्ण राधे कृष्णजब नाम जपोगे कृष्ण, तो मिटेगी मन की तृष्णाबोलो कृष्ण कृष्ण बोलो कृ...

ओ साँवरे तरेगी नैया बिन माझी के जो तू साथ है मेरे भजन

ओ साँवरे तरेगी नैया बिन माझी के जो तू साथ है मेरे भजन

ओ साँवरे, ओ साँवरेतरेगी नैया बिन माझी के जो तू साथ है मेरेडुभे गी नैया भी किनारे पे जो तू साथ न मेरेओ साँवरे, ओ साँवरे जब तुझसे हो मांझी कहे को फ़िक्र मैं क...